1.
पहले अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण और फिर उस समर्पण की हर
कीमत चुकाने की हिम्मत चाहिए तब जाकर सफलता आपके कदम चूमती है.
2.
कितनी प्यारी बात है कि हम खुद को आदर देकर अपने भीतर मौजूद
ईश्वर को ही तो आदर देते हैं.
3.
सरलता स्वर्ग है जबकि उलझन नर्क है.
4.
कितनी कमाल की बात है कि हम सब जीवन में आसान रास्तें चाहते
हैं मगर हमारा विकास सिर्फ मुश्किल रास्तों पर चल कर ही होता है.
5.
सबको अपना भविष्य जानने की बड़ी आतुरता रहती है जबकि अज्ञात
में जीने का मजा ही निराला है.
6.
हर पल आप खुद के बनाये स्वर्ग में या फिर खुद के बनाये नर्क
में रहने का चुनाव करते हैं.
7.
खुद का सुधार किये बिना दूसरे को सुधारने की कोशिश करना
व्यर्थ का प्रयास साबित होता है.
8.
अपनी गलती कोई नहीं मानता जबकि अपनी गलती मान कर अपने आप को
सुधारने का आनंद गजब का है.
9.
मुश्किल हालात आना इस बात का सबूत है कि आप प्रगति के पथ पर
हैं.
10. सबको बेशर्त प्यार दीजिए
क्योंकि प्रेम आपके पास बेहिसाब मात्रा में मौजूद है.
11. आप खुद ही अपनी सोच को
कामयाबी की दिशा में लेकर जा सकते हैं.
12. सच के रास्ते पर निरंतर
चलना आपको एक अदभुत आनंद देता है.
13. अपने जीवन में आने वाली
समस्याओं का खूब आनंद लीजिए क्योंकि ये आपके लिए प्रगति के शानदार अवसर ले कर आती
हैं.
14. हर सफल इंसान किसी बड़ी
चुनौती का सामना करते हुए खुद को मजबूत बना कर सफल बनता है.
15. नज़ारा चाहे कुछ भी हो हमारी
नज़र वही देखती है जो देखने के लिए हम इसे कहते हैं.
16. कभी कभी इंसान जिसे जीत
समझता है वह हार होती है और जिसे हार समझता है वह जीत होती है.
17. 3 समय भोजन अगर आप हर रोज़
करते हैं तो आपको रोज़ 3 समय कुछ न कुछ नया जरूर सीखना चाहिये.
18. जीवन में आपको आपके सिवा
कोई खुश या दुखी कर ही नहीं सकता.
19. प्रेम में स्वार्थ नहीं और
जहाँ स्वार्थ है वहाँ प्रेम नहीं.
20. ईश्वर हमे हर पल हमारे
सर्वोतम रूप में पहुँचने के लिए मार्गदर्शित कर रहा है.
21. जब जब आपकी नियत साफ़ रहती
है तब तब आपको परिणाम में बरकत भी जबरदस्त होती है.
22. इंसान जीवन में अपनों और
परायों को ही खोजने में लगा रहता है जबकि अपना पराया कोई है ही नहीं.
23. आपकी मेहनत अगर बेकार चली
गयी तो वो मेहनत थी ही नहीं.
24. खुद के अहंकार को काटे बिना
जीवन में खुशी का ख़जाना नहीं मिलता.
25. किसी को कमतर समझने की गलती
वही करता है जो खुद पर शक़ करने का आदी हो.
26. गहरापन आपके काम में दर दर
की ठोकर खा कर ही आता है.
27. एक बार खुद के भीतर ईश्वर
को पाकर फिर आपको हर जगह ईश्वर ही दिखाई देता है.
28. अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को
बुलंद करके ही आपको सच्ची खुशी मिलती है.
29. किसी की सच्ची इज्ज़त करने
के लिए पहले खुद की जबरदस्त बेइज्जती करना जरूरी है.
30. सच में, सच को कहें कैसे और
झूठ कह कर दिल को खुशी मिलती नहीं.
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