1.
जीवन पाने का सच्चा उद्देश्य है खुद को
जानना.
2.
आपकी सोच अपने आप ही गहरी होती चली जाती है
जैसे जैसे आप खुद के वास्तविक स्वरुप को जानते हुए उसके और करीब पहुँचने लगते हैं.
3.
कामयाबी और वास्तविक समृद्धि आपके अपने ही भीतर
है.
4.
लोग आपमें सच्ची रूचि तभी लेते हैं जब आप खुद
में सच्ची रूचि लेते हैं.
5.
व्यक्तित्व विकास का सच्चा अर्थ है अपने भीतर
छुपे शक्ति के अनंत स्त्रोत्र को पहचानना.
6.
व्यावसायिक विकास का सच्चा अर्थ है अपने
व्यवसाय से जुड़े हर एक व्यक्ति की अनंत मानसिक संभावनाओं का हर दिन अधिकतम उपयोग
करना.
7.
आँखों में चमक, चेहरे पर तेज और होठों पर
मुस्कान सिर्फ खुद को जानने के बाद ही आ सकती है.
8.
हर कामयाब व्यक्ति आपसे कहता है कि मैं अपने
वास्तविक स्वरुप को जान गया हूँ और इसीलिए मैं कामयाब हूँ.
9.
आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि आपके अंदर
कितनी ज्यादा असीम शक्तियाँ हैं.
10.
नकारात्मक शक्तियाँ आपसे तभी तक रु-ब-रु हो
सकती हैं जब तक आप अपने वास्तविक स्वरुप से अनजान हैं.
11.
वास्तविक स्वरुप का अर्थ यह जानना है कि एक
इंसान जीवन में किस ऊंचाई को छू सकता है.
12.
ईश्वर आपको मुश्किलें इसलिए देता है ताकि
आपका विकास कर सके.
13.
आपसे ईश्वर बेशर्त प्यार करता है चाहे आप यह
जानते हो या नहीं.
14.
सफलता और खुशी आपका जन्मसिद्ध अधिकार है.
हम सब
हर वक़्त ईश्वरीय शक्ति से परिपूर्ण हैं और हम सब सच्चे ईश्वर की संतानें हैं.
Comments
Post a Comment